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मेरी जिंदगी/ इन्सान सुबह से लेकर शाम तक भागता रहेता है खुद की सेहत का ख्याल नही यही जीवन है

 

☰ अगर अधिक आ रहा है बिजली का बिल तो करें ये काम, बिजली कंपनी ने लागू की नई व्यवस्था By: Pawan Tiwari | Published: 03 Sep 2020, 11:53 AM IST यह व्यवस्था एक सितंबर से लागू हो गई है। भोपाल. अगर आपका बिजली बिल बहुत आ रहा है या आपके बिजली का भार ज्यादा है तो इसे आप कम कर सकते हैं। बिजली कंपनी ने इसके लिए एक सिंतबर से एक योजना लागू की है जिसका आपको फायदा मिल सकता है। दरअसल, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में अब बिजली उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन के साथ-साथ कनेक्शन के भार में वृद्धि एवं कमी के लिए ऑफलाइन माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं किये जाएंगे। यदि आपको बिजली कनेक्शन के भार में वृद्धि अथवा कमी कराना है तो फटाफट बिजली कंपनी के Portal.Mpcz.In/UPAY App पर जाइए और ऑनलाइन आवेदन करें। यह व्यवस्था एक सितंबर से लागू हो गई है। कंपनी ने कहा है कि पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वितरण केंद्र/ज़ोन कार्यालय में यदि ग्रामीण क्षेत्र से कोई व्यक्ति नवीन बिजली कनेक्शन अथवा कनेक्शन में भार वृद्धि/कमी के लिए ऑफलाइन आवेदन लेकर आता है तो संबंधित वितरण केंद्र/ज़ोन प्रभारी सम्बंधित व्यक्ति को ऑनलाइन आवेदन के संबंध में सभी जानकारी उपलब्ध कराते हुए ऑनलाइन माध्यम से नवीन प्रक्रिया UPAY App अथवा कंपनी के पोर्टल Portal.Mpcz.In के माध्यम से पूर्ण कराना सुनिश्चित करेंगे। Related Stories किसान की मौत पर सियासत: कमलनाथ बोले- फसल खराब होने से की आत्महत्या, मंत्री ने शेयर किया बेटे का वीडियो किसान की मौत पर सियासत: कमलनाथ बोले- फसल खराब होने से की आत्महत्या, मंत्री ने शेयर किया बेटे का वीडियो आज से बंद रहेंगी 259 मंडियां, सब्जी और फल भी नहीं मिलेंगे, आम जनता के लिए मुश्किलें आज से बंद रहेंगी 259 मंडियां, सब्जी और फल भी नहीं मिलेंगे, आम जनता के लिए मुश्किलें फिर पटरी पर लौटी जिंदगी, सड़कों पर फिर दौड़ने लगीं लो फ्लोर बसें, अभी इन रूटों पर ही होगा संचालन फिर पटरी पर लौटी जिंदगी, सड़कों पर फिर दौड़ने लगीं लो फ्लोर बसें, अभी इन रूटों पर ही होगा संचालन राहत: छह महीने के लिए बढ़ाई जाएगी इन संविदा कर्मचारियों की सेवाएं, मंत्री ने कहा- जल्द जारी होगा आदेश राहत: छह महीने के लिए बढ़ाई जाएगी इन संविदा कर्मचारियों की सेवाएं, मंत्री ने कहा- जल्द जारी होगा आदेश Migrant Workers Story: कोरोना के कारण पांच माह से घर बैठे थे, अब रोजगार के लिए वापस लौटना जरूरी Migrant Workers Story: कोरोना के कारण पांच माह से घर बैठे थे, अब रोजगार के लिए वापस लौटना जरूरी सिंधिया के गढ़ से उप चुनाव का शंखनाद करेंगे कमलनाथ, मेगा शो की तैयारी सिंधिया के गढ़ से उप चुनाव का शंखनाद करेंगे कमलनाथ, मेगा शो की तैयारी Hindi News Bhopal Relief: Electricity Company Implemented New System Home About Us Disclaimer Privacy Policy © 2020 Patrika Group

🔷 पुराने जमाने की बात है। गुरुकुल के एक आचार्य अपने शिष्य की सेवा भावना से बहुत प्रभावित हुए। विधा पूरी होने के बाद शिष्य को विदा करते समय उन्होंने आशीर्वाद के रूप में उसे एक ऐसा दिव्य दर्पण भेंट किया, जिसमें व्यक्ति के मन के भाव को दर्शाने की क्षमता थी। 🔶 शिष्य उस दिव्य दर्पण को पाकर बहुत खुश हुआ। उसने परीक्षा लेने की जल्दबाजी में दर्पण का मुँह सबसे पहले गुरुजी के सामने ही कर दिया। वह यह देखकर आश्चर्यचकित हो गया कि गुरुजी के हृदय में मोह, अहंकार, क्रोध आदि दुर्गुण परिलक्षित हो रहे थे। इससे उसे बड़ा दुख हुआ। वह तो अपने गुरुजी को समस्त दुर्गुणों से रहित सत्पुरुष समझता था। 🔷 दर्पण लेकर वह गुरुकुल से रवाना हो गया। उसने अपने कई मित्रों तथा अन्य परिचितों के सामने दर्पण रखकर परीक्षा ली। सब के हृदय में कोई न कोई दुर्गुण अवश्य दिखाई दिया। और तो और अपने माता व पिता की भी वह दर्पण से परीक्षा लेने से नहीं चूका। उनके हृदय में भी कोई न कोई दुर्गुण देखा, तो वह हतप्रभ हो उठा। एक दिन वह दर्पण लेकर फिर गुरुकुल पहुँचा। 🔶 उसने गुरुजी से विनम्रतापूर्वक कहा- “गुरुदेव, मैंने आपके दिए दर्पण की मदद से देखा कि सबके दिलों में तरह तरह के दोष और दुर्गुण हैं। “ तब गुरु जी ने दर्पण का रुख शिष्य की ओर कर दिया। शिष्य दंग रह गया। क्योंकि उसके मन के प्रत्येक कोने में राग, द्वेष, अहंकार, क्रोध जैसे दुर्गुण थे। 🔷 तब गुरुजी बोले- “वत्स यह दर्पण मैंने तुम्हें अपने दुर्गुण देखकर जीवन में सुधार लाने के लिए दिया था। दूसरों के दुर्गुण देखने के लिए नहीं। जितना समय तुमने दूसरों के दुर्गुण देखने में लगाया, उतना समय यदि तुमने स्वयं को सुधारने में लगाया होता तो अब तक तुम्हारा व्यक्तित्व बदल चुका होता। मनुष्य की सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि वह दूसरों के दुर्गुण जानने में ज्यादा रुचि रखता है। वह स्वयं को सुधारने के बारे में नहीं सोचता। इस दर्पण की यही सीख है जो तुम नहीं समझ सके। “ 🔶 दोस्तों ये हम पर भी लागु होती है। हममें से भी ज़्यादातर लोग अपने अंदर छिपी बड़ी बड़ी बुराइयों को, दुर्गुणों को, गलत आदतों को भी सुधारना नहीं चाहते। लेकिन दूसरों की छोटी छोटी बुराइयों को भी उसके प्रति द्वेष भावना रखते हैं या उसे बुरा भला कहते हैं या फिर दूसरो को सुधरने के लिए उपदेश देने लग जाते हैं। तो सबसे पहले अपने अंदर झांको और अपनी बुराइयों को दूर करो 🙏 जय गुरुदेव 🙏

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नमस्कार दोस्तों आप केसे हो

दोस्तों दुनिया में कई तरह के लोग है कोई किसी को दुखी करके खुश है ओर कई दुसरे का दुखी देकर दुखी होते हैं